किस मुकाम पर ले आयी ये मोहोब्बत हमें,
उसे पाया भी नहीं जाता
और भुलाया भी नहीं जाता।
खत्म हो गया उन लोगों से भी रिश्ता,
जिनसे मिलकर लगता था कि ये जिंदगी भर साथ रहेंगे....।।।
पत्थर से प्यार किया नादान थे हम,
गलती हुई हमसे अंजान थे हम,
आज जिन्हें हमसे नज़रे मिलने में तकलीफ होती है,
कभी उस बेवफा की जान थे हम।
अगर फितरत हमारी सहने की ना होती...
तो हिम्मत तुम्हारी भी कुछ कहने की न होती....।।।
ना जाने क्यों कोसते है लोग बदसूरती को?
बर्बाद करने वाले तो हसीन चेहरे होते है।
तेरा हर अंदाज़ अच्छा लगता है,
सिवाए नज़र-अंदाज़ के...
बस एक ख़ता हमसे हो गयी...
हद से ज्यादा मोहोब्बत उनसे हो गयी ...।
अपनी चुप्पी से,
ना जाने क्या खो दोगे...
जैसे तुम हो, मैं हो जाऊँ ना,
तो तुम रो दोगे....।।
कोई मिलता ही नहीं हमसे हमारा बनकर,
वो मिले भी तो एक किनारा बनकर,
हर ख्वाब टूट के बिखरा काँच की तरह,
बस एक इंतज़ार है साथ सहारा बनकर।
मोहोब्बत ख़ूबसूरत होगी किसी और दुनिया में,
इधर तो हम पर जो गुजरी है हम ही जानते है....।।
काश वो पल संग बिताये न होते,
जिनको याद कर आज ये आँसू आये न होते,
अगर इस तरह उनको मुझसे दूर ही जाना था,
तो इतनी गहराई से दिल मिलाये न होते!!
कैसे दूर करूँ ये उदासी
बता दे कोई….!
लगा के सीने से रूला
दे कोई….!!
तन्हाई ना पाए कोई साथ के बाद,
जुदाई ना पाए कोई मुलाकात के बाद,
ना पड़े किसी को किसी की आदात इतनी,
कि हर सांस भी आए उसकी याद के बाद...।।
तेरी धड़कन ही ज़िंदगी का किस्सा है मेरा,
तू ज़िंदगी का एक अहम् हिस्सा है मेरा..
मेरी मोहब्बत तुझसे, सिर्फ़ लफ्जों की नहीं है,
तेरी रूह से रूह तक का रिश्ता है मेरा..!!
देख ज़रा नाराज़ है कोई शख्स तेरे जाने से,
हो सके तो लौट आ किसी बहाने से,
तू लाख ख़फ़ा सही पर एक बार तो देख,
कोई टूट गया है तेरे दूर जाने से!!
जिंदगी देने वाले मरता छोड़ गये,
अपनापन जताने वाले तन्हा छोड़ गये,
जब पड़ी जरूरत हमें अपने हमसफर की,
वो जो साथ चलने वाले थे रास्ता छोड़ गये।
ना दूर हमसे जाया करो दिल तड़प जाता है,
आपके ख्यालों में ही हमारा दिन गुज़र जाता है,
पूछता है यह दिल एक सवाल आपसे,
कि क्या दूर रहकर भी आपको हमारा ख्याल आता है!!
मेरे दिल में तेरा वज़ूद ,
मैं खुद से दूर , पर तू मुझ में मौज़ूद....।।
मैंने जिसे भी चाहा अपना बनाना,
सबसे पहले वही चीज मुझसे दूर हुई,
एक बार जो गए फिर कहाँ मिले वो लोग,
जिनके बिना मेरी जिंदगी बेनूर हुई।
तेरी याद में आंसुओं का समंदर बना लिया,
तन्हाई के शहर में अपना घर बना लिया,
सुना है लोग पूजते हैं पत्थर को,
इसलिए तुझसे जुदा होने के बाद दिल को पत्थर बना लिया !!
हुस्न की इश्क से जब जब बात होती है,
महफिल में उनकी बात से हर बात होती है,
वह कहते रहे कोई बात नहीं हम दोनों में,
पर उनकी कहानी से नई शुरूआत होती है।।
ना जाने क्यों तुझे देखने के बाद भी,
तुझे ही देखने की चाहत रहती है......
सब फूलों की जुदा कहानी है,
खामोशी भी तो प्यार की निशानी है,
ना कोई ज़ख्म है फिर भी ऐसा एहसास है,
यूँ महसूस होता है कोई आज भी दिल के पास है !!
कौन कहता है क़ि चाँद तारे तोड़ लाना ज़रूरी है…..
दिल को छू जाए प्यार से दो लफ्ज़, वही काफ़ी है।
प्यार करना हर किसी के बस की बात नहीं,
जिगर चाहिए अपनी ही खुशियाँ बर्बाद करने के लिए....
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